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डियर जिंदगी में शाहरुख और आलिया

डियर जिंदगी में शाहरुख और आलिया

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डियर जिंदगी में शाहरुख और आलिया कबड्डी, कबड्डी, कबड्डी... हमारी जिंदगी रोज ऐसे ही शुरू होती है. खुशियां पाने के लिए हम रोज दौड़ते, भागते हैं. कभी हम सफल होते हैं तो कभी असफल. हम निराश होते हैं, तनाव में रहते हैं, चिल्लाते हैं. कभी हम दूसरों से नफरत करने लगते हैं तो कभी हमें खुद से प्यार भी हो जाता है. गौरी शिंदे की आने वाली फिल्म 'डियर जिंदगी' हमें हमारे सारे सवालों का जवाब देगी, जो हम अपनी जिंदगी में ढ़ूढ़ते रहते हैं. कियारा (आलिया भट्ट) एक फिल्ममेकर हैं जो अपनी हीं जिंदगी में उलझी हुई हैं. उन्हें रिलेशनशिप में रहना पसंद नहीं हैं, वह एक फ्री जिंदगी बिताना चाहती हैं. तब उनकी जिंदगी में जहांगीर खान (शाहरुख खान) की एंट्री होती है, जो उनके सवालों का जवाब लेकर आता है. 25 नवंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म के बारे में हम 5 बातें बता रहे हैं, जिसके कारण आपको यह
फिल्‍म रिव्‍यू: अकीरा – सिर्फ एक्शन नहीं है

फिल्‍म रिव्‍यू: अकीरा – सिर्फ एक्शन नहीं है

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अकीरा भ्रष्ट पुलिस सिस्टम में अनजाने में फंस जाने वाली एक लड़की के ईदगिर्द बुनी गई कहानी है। अन्याय के खिलाफ लड़ी लड़ाई उसके बचपन को निगल जाती है। मगर वह हार नहीं मानती। -स्मिता श्रीवास्तव प्रमुख कलाकार- सोनाक्षी सिन्हा, कोंकणा सेन शर्मा और अनुराग कश्यप। निर्देशक- एआर मुर्गोदास संगीत निर्देशक- विशाल-शेखर स्टार- 3 स्टार अकीरा का संस्कृत में अर्थ होता है वह शक्ति जिसमें शालीनता हो। गजनी, हॉलीडे जैसे हिट फिल्म दे चुके ए आर मुर्गोदास की यह तीसरी हिंदी फिल्म है। उनकी फिल्में हीरो प्रधान होती हैं। उनमें एक्शन की भरपूर डोज होती है। अकीरा में भी एक्शन की भरभार है। हालांकि यह एक्शन हवा-हवाई नहीं है। इन्हें रियल फाइट की तरह रखा गया है। साथ ही यह न्याय प्रणाली की सुस्त चाल की ओर ध्यान इंगित करती है। न्याय में देरी इंसान की जिंदगी तबाह कर देती है और यह ताउम्र एक इंसान के लिए बदनुमा धब्बा भ
फिल्म रिव्यू- मराठी फ्लेवर ‘बैंजो’

फिल्म रिव्यू- मराठी फ्लेवर ‘बैंजो’

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बैंजो निम्न मध्यवर्गीय वर्ग के युवकों के बीच पॉपुलर सस्ता म्यूजिकल इंस्ट्रूिमेंट है। महाराष्ट्र के साथ यह देश के दूसरे प्रांतों में भी लोकप्रिय है। मुंबई में इसकी लोकप्रियता के अने अजय ब्रह्मात्मज प्रमुख कलाकार- रितेश देशमुख, नर्गिस फाखरी निर्देशक- रवि जाधव स्टार- तीन मराठी फिल्मों के पुरस्कृत और चर्चित निर्देशक रवि जाधव की पहली हिंदी फिल्म है ‘बैंजो’। उन्होंने मराठी में ‘बाल गंधर्व’,‘नटरंग’ और ‘बालक पालक’ जैसी फिल्में निर्देशित की हैं। इनमें से ‘बालक पालक’ के निर्माता रितेश देशमुख थे। प्रोड्यूसर और डायरेक्टर की परस्पर समझदारी और सराहना ही ‘बैंजो’ की प्रेरणा बनी। इसके साथ ही दोनों मराठी हैं। ‘बैंजो’ के विषय और महत्व को दोनों समझते हैं। लेखक-निर्देशक रवि जाधव और एक्टर रितेश देशमुख की मध्यवर्गीय परवरिश ने बैंजो को फिल्म का विषय बनाने में योगदान किया। बैंजो निम्न मध्यवर्गीय वर्ग
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