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Really Very Nice


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*Really Very Nice* ---------------------------------- जो चाहा कभी पाया नहीं, जो पाया कभी सोचा नहीं, जो सोचा कभी मिला नहीं, जो मिला रास आया नहीं, जो खोया वो याद आता है, पर जो पाया संभाला जाता नहीं , क्यों अजीब सी पहेली है ज़िन्दगी, जिसको कोई सुलझा पाता नहीं... जीवन में कभी समझौता करना पड़े तो कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि, झुकता वही है जिसमें जान होती है, अकड़ तो मुरदे की पहचान होती है। ज़िन्दगी जीने के दो तरीके होते है! पहला: जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो.! दूसरा: जो हासिल है उसे पसंद करना सीख लो.! जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष कोई महान नहीं होता.! जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है; कभी हंसती है तो कभी रुलाती है; पर जो हर हाल में खुश रहते हैं; जिंदगी उनके आगे सर झुकाती है। चेहरे की हंसी से हर गम च
गैरहाज़िर कन्धे

गैरहाज़िर कन्धे


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*गैरहाज़िर कन्धे*   (एक बार जरूर पढ़े ) विश्वास साहब अपने आपको भाग्यशाली मानते थे। कारण यह था कि उनके दोनो पुत्र आई.आई.टी. करने के बाद लगभग एक करोड़ रुपये का वेतन अमेरिका में प्राप्त कर रहे थे। विश्वास साहब जब सेवा निवृत्त हुए तो उनकी इच्छा हुई कि उनका एक पुत्र भारत लौट आए और उनके साथ ही रहे ; परन्तु अमेरिका जाने के बाद कोई पुत्र भारत आने को तैयार नहीं हुआ, उल्टे उन्होंने विश्वास साहब को अमेरिका आकर बसने की सलाह दी। विश्वास साहब अपनी पत्नी भावना के साथ अमेरिका गये ; परन्तु उनका मन वहाँ पर बिल्कुल नहीं लगा और वे भारत लौट आए। दुर्भाग्य से विश्वास साहब की पत्नी को लकवा हो गया और पत्नी पूर्णत: पति की सेवा पर निर्भर हो गई। प्रात: नित्यकर्म से लेकर खिलाने–पिलाने, दवाई देने आदि का सम्पूर्ण कार्य विश्वास साहब के भरोसे पर था। पत्नी की जुबान भी लकवे के कारण चली गई थी। विश्वास साहब पूर
कोर्ट में एक अजीब मुकदमा आया

कोर्ट में एक अजीब मुकदमा आया


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कोर्ट में एक अजीब मुकदमा आया कोर्ट में एक अजीब मुकदमा आया एक सिपाही एक कुत्ते को बांध कर लाया सिपाही ने जब कटघरे में आकर कुत्ता खोला कुत्ता रहा चुपचाप, मुँह से कुछ ना बोला..! नुकीले दांतों में कुछ खून-सा नज़र आ रहा था चुपचाप था कुत्ता, किसी से ना नजर मिला रहा था फिर हुआ खड़ा एक वकील ,देने लगा दलील बोला, इस जालिम के कर्मों से यहाँ मची तबाही है इसके कामों को देख कर इन्सानियत घबराई है ये क्रूर है, निर्दयी है, इसने तबाही मचाई है दो दिन पहले जन्मी एक कन्या, अपने दाँतों से खाई है अब ना देखो किसी की बाट आदेश करके उतारो इसे मौत के घाट जज की आँख हो गयी लाल तूने क्यूँ खाई कन्या, जल्दी बोल डाल तुझे बोलने का मौका नहीं देना चाहता लेकिन मजबूरी है, अब तक तो तू फांसी पर लटका पाता जज साहब, इसे जिन्दा मत रहने दो कुत्ते का वकील बोला, लेकिन इसे कुछ कहने तो दो फिर कुत्ते ने मुंह खोला ,और धी
रोटी का कर्ज

रोटी का कर्ज


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मां की तपस्या  रोटी का कर्ज एक बार ज़रूर पढे ....... पत्नी बार बार मां पर इल्जाम लगाए जा रही थी और पति बार बार उसको अपनी हद में रहने की कह रहा था लेकिन पत्नी चुप होने का नाम ही नही ले रही थी व् जोर जोर से चीख चीखकर कह रही थी कि "उसने अंगूठी टेबल पर ही रखी थी और तुम्हारे और मेरे अलावा इस कमरें मे कोई नही आया अंगूठी हो ना हो मां जी ने ही उठाई है।। बात जब पति की बर्दाश्त के बाहर हो गई तो उसने पत्नी के गाल पर एक जोरदार तमाचा दे मारा अभी तीन महीने पहले ही तो शादी हुई थी । पत्नी से तमाचा सहन नही हुआ वह घर छोड़कर जाने लगी और जाते जाते पति से एक सवाल पूछा कि तुमको अपनी मां पर इतना विश्वास क्यूं है..?? तब पति ने जो जवाब दिया उस जवाब को सुनकर दरवाजे के पीछे खड़ी मां ने सुना तो उसका मन भर आया पति ने पत्नी को बताया कि "जब वह छोटा था तब उसके पिताजी गुजर गए मां मोहल्ले के घरों मे
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