Gmail, WhatsApp स्टोर करेंगे आपका डाटा, मांगने पर सरकार को भी देंगे

user-information-whatsapp-gmail_14_10_2016

नई दिल्ली। जीमेल, व्हाट्सऐप के साथ ही तमाम चैट ऐप्स और अमेजन जैसी ईकॉमर्स कंपनियों पर साझा की गई आपकी हर जानकारी अब स्टोर होगी। केंद्र सरकार इन कंपनियों से यह डाटा स्टोर करने को कहेगी और सरकार जब चाहेगी, यह जानकारी हासिल कर सकेगी। इस संबंध में 2008 से लंबित आईटी एक्ट के सेक्शन 67C का मसौदा जल्द तैयार कर लिया जाएगा। इसके लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।

कमेटी यह तय करेगी कि किस तरह का, किस फॉर्मेट में और कब तक डाटा स्टोर किया जाना है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार यह अधिकार अपने पास रखेगी कि उसकी एजेंसियां जब चाहे, इस डाटा को हासिल कर सकती हैं।

इस बीच, यह आशंका भी जताई गई है कि कंपनियां सरकार की इस कवायद का विरोध कर सकती हैं। कारण- अधिकांश कंपनियों पर भारत सरकार का नियंत्रण नहीं है। साथ ही डाटा स्टोर करने के लिए सर्वर पर मोटी रकम खर्च करना होगी। वैसे भी विदेशी कंपनियों और भारत सरकार के बीच डाटा शेयरिंग शुरू से विवादित मुद्दा रहा है।

ऐसी है कमेटी

कमेटी की अध्यक्षता आईटी मिनिस्ट्री के एडी. सेक्रेटरी अजय कुमार कर रहे हैं। वहीं गृह मंत्रालय, टेलिकॉम डिपार्टमेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल एंड ट्रेनिंग, Nasscom और इंटरनेट सर्विस प्रॉवाइडर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISPAI) का एक-एक प्रतिनिधि शामिल किया गया है। सितंबर के पहले हफ्ते में कमेटी की पहली बैठक हो चुकी है।

ऐपल कर चुका FBI को इन्कार

कमेटी के एक सद्स्य ने बताया, यह एक जटिल मसला है। खासतौर पर रोज नए मोबाइल ऐप्स रहे हैं, जो पर्सनल डाटा को एक्सेस करने पर ही चलते हैं। हमें यह देखना है कि चाहे बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, लेकिन ये विदेेशी कंपनियां हमारी सरकार के प्रति कितनी जवाबदेह हैं? यदि ऐपल अमेरिकी एजेंसी एफबीआई को अपना फोन अनलॉक करने से इनकार कर सकती है तो क्या ये कंपनियां भारत सरकार की बात मानेंगी?

source http://naidunia.jagran.com/

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